बुलंद आवाज़ न्यूज
देहरादून
कैबिनेट बैठक में कहा गया कि कैंपस बनने से सभी स्ववित्त पोषित संस्थानों को राज्य सरकार से वित्तीय सहायता प्रदान नहीं की जाएगी। सभी स्ववित्त पोषित संस्थानों में बीओजी पहले की तरह काम करती रहेगी।
तकनीकी शिक्षा विभाग के तहत गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के छह इंजीनियरिंग कालेज एवं संस्थानों को वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय देहरादून के अधीन कैंपस काॅलेज के रूप में संचालित किया जाएगा। कैबिनेट में इसके प्रस्ताव को मंजूरी मिली हैं।
कैबिनेट में आए प्रस्ताव के मुताबिक प्रौद्योगिकी संस्थान गोपेश्वर, महिला प्रौद्योगिकी संस्थान देहरादून, डाॅ. एपीजे अब्दुल कलाम प्रौद्योगिकी संस्थान टनकपुर, नन्हीं परी सीमांत प्रौद्योगिकी संस्थान पिथौरागढ़, टीएचडीसी, आईएचईटी नई टिहरी और बौन इंजीनियरिंग काॅलेज उत्तरकाशी को जैसे हैं, जहां है के आधार पर कुछ शर्तों के आधार पर प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का कैंपस कॉलेज बनाया जाएंगा।
कैबिनेट बैठक में कहा गया कि कैंपस बनने से सभी स्ववित्त पोषित संस्थानों को राज्य सरकार से वित्तीय सहायता प्रदान नहीं की जाएगी। सभी स्ववित्त पोषित संस्थानों में बीओजी पहले की तरह काम करती रहेगी।







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