बुलंद आवाज़ न्यूज़
गौचर
उत्तराखंड की संस्कृति और तिब्बत व्यापार से जुडा गौचर मेला हमारी सांस्कृतिक विरासत है। आज भी गौचर मेला स्थानीय हस्तशिल्प और हथकरघा के पारम्परिक परिधान बहुत लोकप्रिय है।
गौचर मेले में इस बार भी लोगों को जिले के हस्तशिल्प, हथकरघा व लघु उद्यमियों द्वारा निर्मित पारम्परिक परिधान एवं ऊनी वस्त्र बहुत भा रहे है और मेले में लगे उद्यमियों के स्टॉलों पर जमकर खरीददारी भी हो रही है। इन स्टॉलों पर गृहणियों को हैंडलूम के उत्पाद भा रहे है तो ठंड के मौसम को देखते हुए गर्म ऊनी वस्त्रों की भी जमकर खरीद्दारी हो रही है।
स्थानीय हस्तशिल्प, हथकरघा, सूक्ष्म एवं लघु उद्योग से जुड़े लगभग 50 उद्यमियों ने इस बार 40 स्टॉल लगाए गए है। इन स्टॉलों पर पहले तीन दिनों में ही 11 लाख से अधिक का सामान बिक चुका है। मेले में अच्छी ब्र्रिक्री को देखते हुए स्थानीय बुनकारों एवं शिल्पियों के चेहरे खिले है।






More Stories
अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजनों से उत्तराखण्ड बनेगा साहसिक खेलों और पर्यटन का प्रमुख केंद्र: मुख्यमंत्री
ऋषिकेश फायरिंग कांड: दून पुलिस से मुठभेड़ में दो बदमाश घायल, दोनों गिरफ्तार
चमोली: पर्यटकों के दीदार के लिए खुली फूलों की घाटी