दून पुस्तक महोत्सव 2026 का भव्य समापन, 3.5 लाख लोगों की सहभागिता के साथ बना ऐतिहासिक आयोजन

बुलंद आवाज न्यूज़

 देहरादून: परेड ग्राउंड में आयोजित दून पुस्तक महोत्सव 2026 का समापन हो गया है। 4 अप्रैल से शुरू हुए इस महोत्सव ने नौ दिनों तक साहित्य, संस्कृति, शिक्षा और रचनात्मकता के विविध आयामों से पूरे वातावरण को जीवंत बनाए रखा और हजारों पुस्तक प्रेमियों, विद्यार्थियों, लेखकों, शिक्षकों एवं आमजन को एक साझा मंच पर जोड़ा। कार्यक्रम में नितिन सेठ, कुलप्रीत यादव, आचार्य प्रशांत, अद्वैता काला, वैभव पुरंदरे, संजीव चोपड़ा सहित कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने इतिहास, साहित्य, सिनेमा, तकनीक और समसामयिक विषयों पर अपने विचार साझा किए।

महोत्सव के विशेष आकर्षण के रूप में प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली और भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन एवं अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के सत्रों ने युवाओं और विद्यार्थियों पर गहरा प्रभाव छोड़ा। इन सत्रों ने न केवल ज्ञानवर्धन किया, बल्कि जीवन, करियर और लक्ष्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आयोजन के दौरान ‘बाल मंडप’ रचनात्मक ऊर्जा का केंद्र बना रहा, जहां बच्चों ने स्टोरीटेलिंग, पपेट मेकिंग, क्लाउनिंग, आर्ट-क्राफ्ट, डांस एवं कम्युनिकेशन स्किल्स जैसी गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन गतिविधियों ने बच्चों की कल्पनाशीलता, अभिव्यक्ति और सीखने की क्षमता को नई दिशा दी। साथ ही, शिक्षकों के लिए आयोजित विशेष सत्रों में आधुनिक और प्रभावी शिक्षण पद्धतियों पर उपयोगी सुझाव भी प्रस्तुत किए गए।

महोत्सव के दौरान गढ़वाली और कुमाऊनी भाषाओं में 26 पुस्तकों का लोकार्पण किया गया, जो क्षेत्रीय भाषाओं और लोक साहित्य के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रही। अनुवाद और भाषाई विविधता से जुड़े सत्रों ने भी बौद्धिक विमर्श को समृद्ध किया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने महोत्सव को और अधिक जीवंत बना दिया। पांडवाज, नरेंद्र सिंह नेगी, प्रियंका मेहर, वंशिका जोशी और ‘शंका ट्राइब’ बैंड सहित विभिन्न कलाकारों की प्रस्तुतियों ने लोक और आधुनिक संगीत के अद्भुत संगम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन प्रस्तुतियों ने उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक प्रस्तुत की।

महोत्सव के दौरान आयोजित ‘इंस्टाग्राम क्रिएटिव कंटेंट कॉन्टेस्ट’ में प्रतिभागियों ने पठन संस्कृति को केंद्र में रखते हुए रचनात्मक वीडियो प्रस्तुत किए। इनमें प्रेरणा डिमरी, पिया चौधरी, नवीन सिंह रावत, ईशा सिंह पुण्डीर और प्रीति गोसाईं को विजेता घोषित किया गया। सभी विजेताओं को बुक वाउचर और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। लगभग 3.5 लाख लोगों की सहभागिता के साथ यह महोत्सव पठन संस्कृति के प्रति बढ़ती जागरूकता और उत्साह का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा। विभिन्न विधाओं की पुस्तकों ने पाठकों को आकर्षित किया और यह स्पष्ट किया कि डिजिटल युग में भी पुस्तकों की प्रासंगिकता और महत्व बरकरार है।

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