बुलंद आवाज न्यूज़
देहरादून।
उत्तराखण्ड राज्य के ऊँचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी एवं हिमस्खलन की संभावनाओं को देखते हुए उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी संबंधित जनपदों को सतर्क कर दिया है। रक्षा भू-सूचना अनुसंधान संस्थान, चंडीगढ़ द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार 27 जनवरी सायं 05 बजे से 28 जनवरी सायं 05 बजे तक राज्य के विभिन्न ऊँचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी एवं हिमस्खलन की संभावना व्यक्त की गई है।
डीजीआरई द्वारा जारी चेतावनी के अनुसार उत्तरकाशी, चमोली एवं रुद्रप्रयाग को नारंगी श्रेणी (श्रेणी-3) में रखा गया है। इस श्रेणी में अधिकांश हिमस्खलन मार्गों पर गहरी एवं अस्थिर बर्फ जमी रहती है, जिससे प्राकृतिक हिमस्खलन की संभावना बनी रहती है। ऐसे हिमस्खलन मध्यम आकार में घाटी तल तक पहुँच सकते हैं। केवल चयनित एवं सुरक्षित मार्गों से ही सीमित आवागमन उपयुक्त माना गया है।
पिथौरागढ़ को पीली श्रेणी (श्रेणी-2) में रखा गया है, जहाँ कुछ मार्गों पर अस्थिर बर्फ पाई जाती है और छोटे हिमस्खलन की संभावना बनी रहती है।
बागेश्वर को हरी श्रेणी (श्रेणी-1) में रखा गया है, जहाँ स्थिति सामान्यतः स्थिर मानी गई है, हालांकि स्थानीय स्तर पर अस्थिरता की संभावना से इंकार नहीं किया गया है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र द्वारा सभी जिलाधिकारियों को सतत निगरानी रखने, संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने और आम जनता को समय रहते सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
नागरिकों से अपील की गई है कि चेतावनी अवधि के दौरान बर्फ से ढकी ढलानों और हिमस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन न करें, ढलानों के नीचे रुकने से बचें तथा अपने आवासों की छतों से बर्फ को सुरक्षित रूप से हटाते रहें।
अस्थायी रूप से अत्यधिक बर्फबारी वाले क्षेत्रों में रह रहे लोगों को आवश्यकता अनुसार एक से दो दिनों के लिए सुरक्षित निचले क्षेत्रों में स्थानांतरित होने की सलाह दी गई है।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर सभी विभागों के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।





More Stories
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बोले, सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए समर्पित
बच्चों के बीच बिताया गया समय जीवन को नई ऊर्जा और प्रेरणा देता है : मुख्यमंत्री
कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा—नारी शक्ति की भागीदारी से ही सशक्त और विकसित भारत का निर्माण संभव