बुलंद आवाज न्यूज़
देहरादून
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के बायोकेमिस्ट्री विभाग की सेंट्रल लैब का दूसरा NABL (लैब की गुणवत्ता जांचने वाली संस्था) ऑडिट सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। यह जानकारी विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव कुशवाहा ने पत्रकार वार्ता के दौरान दी। उन्होंने बताया कि इस ऑडिट में कुछ अनियमितताएं पाई गई हैं, जो लैब की उच्च गुणवत्ता एवं सुदृढ़ कार्यप्रणाली को दर्शाती हैं।
यह ऑडिट शनिवार एवं रविवार (17 व 18 जनवरी 2026) को आयोजित किया गया। सेंट्रल लैब इस क्षेत्र की चुनिंदा NABL प्रमाणित प्रयोगशालाओं में शामिल है।
डॉ. कुशवाहा ने बताया कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेजों में यह एकमात्र NABL प्रमाणित लैब है। यह उपलब्धि गुणवत्तापूर्ण, किफायती एवं सुलभ निदान सेवाएं उपलब्ध कराने की संस्थान की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती है तथा आमजन को विश्वसनीय एवं विश्व-स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
NABL की ओर से ऑडिट प्रक्रिया में लीड ऑडिटर डॉ. ऋचा जोशी एवं टेक्निकल असेसर डॉ. शिप्रा गुप्ता उपस्थित रहीं। दोनों असेसरों ने अपने अवलोकन में कहा कि सेंट्रल लैब के बायोकेमिस्ट्री सेक्शन द्वारा प्रस्तुत किए गए सभी दस्तावेज़ अत्यंत सुव्यवस्थित ढंग से संधारित किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे लैब द्वारा किए जा रहे समस्त कार्यों से पूर्णतः संतुष्ट हैं तथा यहां कार्यरत सभी डॉक्टर एवं तकनीशियन अच्छी तरह से प्रशिक्षित हैं और गुणवत्ता मानकों का सही तरीके से पालन कर रहे हैं।
ऑडिट के दौरान बायोकेमिस्ट्री विभाग के समस्त फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. निधि नेगी (प्रोफेसर, माइक्रोबायोलॉजी एवं लैब डायरेक्टर), डॉ. आरती नेगी (असिस्टेंट प्रोफेसर, माइक्रोबायोलॉजी एवं क्वालिटी मैनेजर), विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव कुशवाहा, लैब इंचार्ज डॉ. सुनीता डी. सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नंदिनी तथा असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. गौरव गुप्ता शामिल रहे।
माइक्रोबायलॉजी और पैथोलॉजी लैब को भी NABL सर्टिफिकेट के लिए करेंगे तैयार
प्राचार्या प्रोफेसर गीता जैन ने बताया कि अगले चरण में माइक्रोबायलॉजी और पैथोलॉजी लैब को भी NABL सर्टिफिकेट के लिए तैयार करेंगे। लैब में और जो भी जांच करवाने के लिए समस्त विभागाध्यक्ष को 3 दिन मे चिकित्सा अधीक्षक के माध्यम से अवगत कराने को भी कहा है।





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