बुलंद आवाज़ न्यूज
चमोली
मुख्य कृषि अधिकारी वीपी मौर्य ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी गेहुं की फसल में रतुवा रोग (जिसमें फफंूद के फोले पत्तियों पर दिखाई देते हैं) के प्रकोप की प्रबल संभावना है। रतुवा रोग से होने वाली क्षति तथा रोग की आवृति को ध्यान में रखते हुए निरन्तर गेहूं की फसल की निगरानी किए जाने की आवश्यकता है प्राथमिकता के आधार पर रोग से बचाव, फैलाव को रोकने के लिए किसान भाई रोग अवरोधी फसलों को बोए,ं गेहंू के खेतो से खरपतवारों को नष्ट कर दें, अत्यधिक उर्वरकों का प्रयोग न करें। रोग उत्पन्न होने की दशा में फफुंदनाशक प्रोपिकोनाजोल 25 ईसी के 10 एमएल को 10 लीटर पानी में घोल बनाकर अथवा मैंकोजेब रसायन की 40 ग्राम मात्रा को 20 ली पानी में घोल कर प्रति नाली के हिसाब से 10-12 के अन्तराल में 2 बार छिडकाव कर रोग को बढने से रोका जा सकता है। अधिक जानकारी हेतु 9917863604, 9453628450 नम्बरों पर सम्पर्क कर सकते हैं।





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