बुलंद आवाज़ न्यूज़
जोशीमठ। सूबे के आखिरी सीमांत प्रखंड जोशीमठ में आज तहसील दिवस मैं अजब गजब का वाकया देखने को मिला ब्लॉक सभागार में आयोजित इस तहसील दिवस में कोई फरियादी नही पंहुचे और तहसील दिवस मात्र खानापूर्ति तक सीमित रह गया। ,वहीं ब्लाक प्रमुख जोशीमठ हरीश परमार ने भी प्रशासन की ओर से तहसील दिवस को हल्के में लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनको खुद ये सुनकर हैरत हो रही की आज तहसील दिवस है। ,अब जब प्रशासन इसकी सूचना जन प्रतिनिधियों को नहीं मिलेगी तो फरियादी कैसे पहुचेंगे तहसील दिवस में, ब्लॉक प्रमुख हरीश परमार यहां तक बताते है कि आजतक उनको तहसील दिवस जैसे जनहित के मुद्दे को लेकर कोई भी पत्र सूचना प्रशासन की और से दी गई,तो बैठकों में फरियादी ओर जन प्रतिनिधि कैसे पहुचेंगे। हालांकि आज के इस तहसील दिवस में महज तीन शिकायते दर्ज हुई ओर तहसील दिवस महज खानापूर्ति बैठक बन कर रह गई। तहसील सभागार में खाली दिख रही जन प्रतिनिधियों और फरियादियों की कुर्सी कहानी खुद बयां कर रही है कि माजरा क्या है,सीमांत क्षेत्र की सड़क,स्वास्थ्य,शिक्षा सहित तमाम विकास कार्यों को लेकर शिकायतें दर्ज करने का एकमात्र केंद्र तहसील दिवस पर उच्च अधिकारियों का न होना और ब्लॉक के प्रथम व्यक्ति को ही बैठक की जानकारी नहीं होना सीमांत जोशीमठ विकासखंड के चहमुखी विकास के लिए शुभ संकेत नहीं माने जा सकते है। आज के तहसील दिवस में तो न शिकायतकर्ता दिखे और नहीं जवाब देने वाले तहसील स्तर के उच्च अधिकारी,दिखी तो सिर्फ खाली कुर्सियां, इस तरह कैसे होगा क्षेत्रो का विकास।
जब से मैंने ब्लाक प्रमुख का पद संभाला है। तब से आज तक तहसील दिवस की कोई सूचना मुझे नही मिली
आज भी किसी फरियादी से मुझे पता चला कि आज तहसील दिवस है। प्रशासन द्वारा किसी को भी तहसील दिवस की सूचना नही दी गई। जिससे तहसील दिवस मे कोई फरियादी नही पंहुचे।
हरीश परमार
ब्लाक प्रमुख जोशीमठ






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