बुलंद आवाज न्यूज़
गोपेश्वर। चमोली जिले की राजकीय इंटर कॉलेज टंगसा की छतों ओर दिवारों से बरसात में कमरों में पानी भर जाता है। जिससे बरसात के समय में छात्र/छात्रों को पठन पाठन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
गौरतलब है कि चंम्पावत की दुखद घटना के बाद शिक्षा मंत्री ने विभाग को सभी जीण क्षीण स्कूलों का डाटा इकट्ठा करने का आदेश दिया है। जिसके बाद विभाग डाटा इकट्ठा करने मे लगा हुआ है।
गौरतलब है कि यह स्कूल मुख्यालय से महज मात्र सात किलोमीटर की दूरी है । तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि जो स्कूल मुख्यालय से दूर किलोमीटर दूर हैं। उनकी स्थिति क्या होगी। टंगसा स्कूल की स्थिति भी जर्जर है। जर्जर स्थिति को लेकर प्रधानाचार्य द्वारा कई बार विभाग को अवगत भी करा दिया है। यहां पर प्रयोगशाला तथा शौचालय कक्ष की स्थिति बहुत ही खराब है । यहां पर बने भोजनालय की छत की स्थिति काफी दयनीय है। यहां पर कभी भी कोई बडी घटना घट सकती है।
भले ही स्कूल के प्रधानाचार्य ने आंकड़े जुटाना शुरू कर दिया है लेकिन कब टंगसा की स्कूल की स्थिति सुधरेगी ये बड़ा प्रश्न है?






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