
बुलंद आवाज़ न्यूज़
देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में नवजात शिशुओं की आपातकालीन देखभाल को मजबूत करने के उद्देश्य से बेसिक नियोनेटल रिससिटेशन प्रोग्राम (NRP) कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में 10 चिकित्सा कर्मियों ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण के दौरान जन्म के तुरंत बाद नवजात शिशुओं को दी जाने वाली आपातकालीन चिकित्सा, समय पर हस्तक्षेप, एयरवे मैनेजमेंट, बैग एवं मास्क वेंटिलेशन तथा मानक नियोनेटल रिससिटेशन प्रोटोकॉल की जानकारी दी गई।
कार्यशाला में सहभागिता आधारित व्याख्यान, स्किल स्टेशन और हैंड्स-ऑन सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए, जिससे प्रतिभागियों की व्यावहारिक दक्षता और आत्मविश्वास में वृद्धि हुई। कार्यक्रम का उद्देश्य नवजात शिशुओं की देखभाल की गुणवत्ता को बेहतर बनाना तथा समय पर प्रभावी उपचार के माध्यम से नवजात मृत्यु दर और जटिलताओं को कम करना रहा।
कार्यशाला का संचालन डॉ. अशोक कुमार के मार्गदर्शन में किया गया। उन्होंने कहा कि डिलीवरी रूम और नवजात देखभाल सेवाओं से जुड़े स्वास्थ्यकर्मियों के लिए नियमित एनआरपी प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। प्रतिभागियों ने कार्यशाला के व्यावहारिक प्रशिक्षण की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण भविष्य में नवजात आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होगा।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भविष्य में भी इस प्रकार की शैक्षणिक एवं कौशल विकास गतिविधियों को निरंतर आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।





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