बुलंद आवाज़ न्यूज़
राजकीय पॉलीटेक्निक गौचर में वर्तमान समय में 4 ट्रेड सिविल इंजिनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिग, इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी , फार्मेसी डिप्लोमा हैं। फार्मेसी में 3 प्रवक्ता के पद और 1 हेड का पद खाली है, इलेक्ट्रॉनिक्स में 3 प्रवक्ता के पद , आईटी में 2 प्रवक्ता और 1 हेड , एप्लाइड साइंस में 3 प्रवक्ता के पद , फार्मेसी लैब टेक्नीशियन के तीन में से 2 पद खाली हैं। जिनमें से फार्मेसी 2 वर्ष, तथा अन्य ट्रेंड में विद्यार्थी तीन वर्षों तक अध्ययन करते हैं।
इलैक्ट्रोंनिक्स व आइटी के तीन वर्षीय पाठ्यक्रम की 90 – 90 सिविल के तीन वर्षीय पाठ्यक्रम की 120 तथा फार्मेसी के दो वर्षीय पाठ्यक्रम की – 80 सीटें हैं। आपको बता दे की राजकीय पॉलीटेक्निक गौचर की स्थापना 1979 में हुई थी और तब से यहां सिर्फ 4 ही ट्रेडों में पढ़ाई होती है। किंतु वर्तमान समय में पॉलीटेक्निक गौचर में इन चार ट्रेडों का भी शिक्षकों के अभाव में चल पाना संभव नहीं लग रहा है और जिसका परिणाम यह है की छात्रों को अध्ययन में समस्याएं हो रही है। इससे पूर्व भी राजकीय पॉलीटेक्निक गौचर में शिक्षक मौजूद थे किंतु ट्रांसफर के बाद अभी तक उनके स्थान पर नए शिक्षकों की पूर्ति नहीं की गई है। बहरहाल छात्र छात्राओं को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। इस पूरे प्रकरण पर राजकीय पॉलीटेक्निक गौचर के प्रधानाचार्य देवेन्द्र यादव का कहना है की वर्तमान समय में छात्रों को ऑनलाइन क्लासिज के माध्यम से पढ़ाया जा रहा है। जिससे की छात्रों को पढ़ाई में सुविधा मिलेगी।


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