

बुलंद आवाज न्यूज
देहरादून
भाई बहन की पवित्र त्योहार राखी पर महंगाई की मार देखने को मिलेगी। पिछले वर्ष के मुकाबले राखियों की कीमत में 15 से 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। कच्चा माल और लेबर महँगा होने के चलते दामों में उछाल आया है। वहीं थोक कारोबारियों द्वारा माल कम उठाया जाना भी महँगाई का कारण बताया जा रहा है।
रक्षाबंधन के लिए देहरादून के बाजार सजना शुरू हो गए हैं। पलटन बाजार से लेकर दून के छोटे- बड़े बाजारों, गिफ्ट शॉफ और मॉल में रंगबिरंगी राखियां पहुँच चुकी हैं। कई नए डिजाइन और आकर्षक रंगों में राखियां बाजार में उपलब्ध हैं। लेकिन इस बार आपको राखी खरीदने के लिए दाम ज्यादा चुकाने होंगे। पिछले वर्ष की तुलना में अलग- अलग सेग्मेंट की राखियों के दामों में 15 से 20 फीसदी का उछाल आया है। पलटन बाजार के व्यापारी शुभम गुलाटी ने बताया कि रक्षाबंधन के त्यौहार को देखते हुए राखी बनाने का काम लगभग तीन माह पहले ही शुरू हो जाता है। साथ ही दो माह पहले ही थोक ग्राहकी शुरू हो जाती है। इस बार राखियां बनकर तो होलसेल मार्केट में पहुंच गई, लेकिन होलसेल मार्केट से जिस तरह उठना चाहिए वैसे नहीं उठ रही है। राखी कारोबारी शुभम गुलाटी ने बताया कि इस बार कॉटन का धागा, मोती व राखी बनाने में उपयोग होने वाली अन्य सामग्री भी महंगी हो गई। नए डिजाइन एवं मेटेरियल ज्यादा टिकाऊ भी बताए जा रहे हैं। जिससे एक राखियों की कीमतों में उछाल आया है। पिछले वर्ष तक जो राखी 30 रूपए में मिल जाती थी इस वर्ष इसकी कीमत 40 से 50 रूपए के बीच डिजाइन के अनुसार तक पहुंची है। वहीं 40 वाली 55 से 60 रूपए के दाम में बिक रही है।
श्री राम के नाम वाली राखी डिमांड में
डिजाइनर राखियों में इस बार कई नए डिजाइन बाजार में देखने को मिल रहे हैं। राखी कारोबारी देहरादून पलटन बाजार के फैज, मोहित दोरा ने बताया कि श्री राम और कृष्ण के नाम वाली राखी इस बार खूब डिमांड में हैं। वहीं प्यारे भैया और ब्रो लिखी हुई राखी भी अच्छी बिक रही है। इसके अलावा कई लोग ऑर्गेनिक राखियां खरीदना भी पसंद कर रहे हैं। ऑर्गेनिक राखियां विभिन्न फूल और फलों के बीज से बनी हुई हैं।





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