बुलंद आवाज़ न्यूज
गौचर/ चमोली. ऐतिहासिक गौचर मेले का आगाज़ बाल दिवस 14 नवम्बर से शुरू हो गया है. जहां 16 नवम्बर की रात किशन महिपाल के नाम रही. किशन ने बताया कि वह पिछले 24 साल से निरंतर उत्तराखंडी लोकसंस्कृति को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचा रहे हैं जिसमें सभी उत्तराखंडी भाई बहनों का सहयोग उन्हें मिल रहा है. बताते हैं कि अपने ही जिले में 24 सालों के करियर में उन्हें दूसरी बार आने का मौका मिला है.
पहली बार जब उन्हें मंच मिला था तो उस समय गौचर मेला आने वाले साथियों का वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. जिस कारण गौचर की भूमि में पहुंचने के बावजूद उन्हें मंच पर गाने का मौका नहीं मिला लेकिन एक बार फिर उन्हें गौचर मेले में गाने का मौका मिला इसके लिए वें बहुत उत्साहित हैं.






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