बुलंद आवाज न्यूज
सिद्धपीठ देवराड़ा को नंदा राजजात के मुख्य पड़ाव के रूप में मान्यता दिलाने की मांग को लेकर तहसील सभागार में परगना बधाण के लोगों की बैठक हुई।
बैठक में देवराड़ा मंदिर समिति के अध्यक्ष भुवनचंद्र हटवाल ने कहा कि हर वर्ष मां नंदा की डोली छह माह प्रवास के लिए अपने ननिहाल देवराड़ा में विराजमान होती है। देवराड़ा राजजात और लोकजात यात्रा का अंतिम व महत्वपूर्ण पड़ाव है लेकिन अभी तक इसको राजजात के पड़ाव में शामिल नहीं किया गया है। कहा कि कई बार सरकार से देवराड़ा को मुख्य पड़ाव घोषित कर यहां पर धार्मिक पर्यटन को विकसित करने के लिए कहा गया लेकिन अभी तक किसी भी सरकार ने इस दिशा में प्रयास नहीं किया है जिससे बधाण के लोग नाराज हैं। बैठक में बार एसोसिएशन थराली के अध्यक्ष डीडी कुनियाल, विनोद रावत, त्रिलोक सिंह, सभासद सीमा देवी, नरेंद्र भारती, प्रेम बुटोला, जितेंद्र रावत, देवेंद्र रावत और नरेश गौड़ आदि मौजूद थे।




More Stories
टोकन व्यवस्था से केदारनाथ धाम में दर्शन हुए सुगम, प्रशासन की व्यवस्थाओं से श्रद्धालु संतुष्ट
केदारनाथ पैदल मार्ग पर पशु चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार, घोड़े-खच्चरों के लिए बने शेड का लोकार्पण
बद्री विशाल के कपाट खुलने के साथ देवभूमि में चारधाम का आगाज़