बुलंद आवाज़ न्यूज़
चमोली
पहाड के लोकसंस्कृति के ध्वजावाहक और संरक्षक डा. डीआर पुरोहित को प्रतिष्ठित संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार के लिए चयनित होने पर सोशल मीडिया में बधाइयां मिलनी शुरू हो गई हैं । आपको बता दे कि प्रो डी आर पुरोहित को लोकसंगीत और थियेटर के क्षेत्र में वर्ष 2021 का प्रतिष्ठित संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार दिया जाना है। जिसको लेकर सोशल मीडिया में उनके चर्चों की शुरुआत भी हो गई है।
रामकथाओं में सबसे प्राचीन भल्दा परंपरा की मुखौटा शैली- रम्माण से लेकर केदार घाटी का प्रसिद्ध चक्रव्यूह मंचन, नंदा देवी के पौराणिक लोकजागर, पांडवाणी, बगडवाली, शैलनट, रंगमंच, ढोल वादन, ढोली तक के संरक्षण और संवर्धन हेतु उनके द्वारा योगदान दिया गया ।






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